MCG का मेगा प्लान: 315 करोड़ से चमकेगा Gurugram, कूड़े के ढेरों से मिलेगा छुटकारा
निगम ने इस बार तकनीक पर विशेष जोर दिया है। कचरा उठाने वाली सभी गाड़ियां GPS और RFID (रैपिड) टैग से लैस होंगी।

MCG : साइबर सिटी गुरुग्राम की सड़कों और गलियों में पिछले डेढ़ साल से लगा कूड़े का अंबारअब इतिहास बनने जा रहा है। हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए 315.23 करोड़ रुपये के संशोधित बजट को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद, नगर निगम गुरुग्राम (MCG) फरवरी से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
अब गुरुग्राम को चार जोन के बजाय दो बड़े क्लस्टरों में बांटा गया है। क्लस्टर-1 (जोन 1 व 2): पुराने गुरुग्राम के लिए 144.61 करोड़ का बजट। क्लस्टर-2 (जोन 3 व 4): नए गुरुग्राम और सोसायटियों के लिए 170.62 करोड़ का बजट।

निगम ने इस बार तकनीक पर विशेष जोर दिया है। कचरा उठाने वाली सभी गाड़ियां GPS और RFID (रैपिड) टैग से लैस होंगी। इससे निगम मुख्यालय से ही रीयल-टाइम मॉनिटरिंग हो सकेगी कि किस गली से कूड़ा उठा और कहां से नहीं।
नई योजना के तहत नियमों में सख्ती बरती गई है। नागरिकों को अब गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग देना अनिवार्य होगा।यदि कोई घर मिश्रित (Mixed) कूड़ा देता है, तो एजेंसी 3 दिनों तक कचरा उठाने से मना कर सकती है। साथ ही, कचरा अलग न करने वालों और खुले में फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। राहत की बात यह है कि एजेंसी किसी भी निवासी या RWA से सीधे कोई ‘यूजर चार्ज’ नहीं वसूल पाएगी।
नई एजेंसियों को अपना शिकायत निवारण केंद्र बनाना होगा। यदि कचरा न उठने की शिकायत मिलती है, तो उसे ‘राइट टू सर्विस एक्ट’ के तहत तय समय में हल करना होगा। लापरवाही बरतने पर एजेंसी पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। यह अनुबंध शुरुआती 5 साल के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर 9 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
मुख्य विशेषताएं (Quick Facts):
| विवरण | जानकारी |
| कुल बजट | 315.23 करोड़ |
| टेंडर की अवधि | 5 साल (9 साल तक विस्तार संभव) |
| तकनीक | GPS, RFID टैग और रीयल-टाइम ट्रैकिंग |
| डेडलाइन | 30 दिनों में कूड़े के मुख्य ढेर (Points) खत्म करने का लक्ष्य |
घरों से कूड़ा उठाने के प्रस्ताव को अनुमति मिल गई है। मुख्यालय की हिदायत के अनुसार एक फरवरी से इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रदीप दहिया, निगम आयुक्त, गुरुग्राम।










